एफिलिएट मार्केटिंग क्या हैं पूरी जानकारी

ब्लॉग्गिंग से पैसा कमाने के कई तरीके हैं। और आप ब्लॉग बनाकर कई तरीके से एअर्निंग कर सकते हैं। ब्लॉग से एअर्निंग करने के ऐसे कई तरीके हैं जैसे एडसेंसे , एफिलिएट मार्केटिंग , स्पांसर पोस्ट , और स्पांसर पोस्टर एड्स। इनमे से एक तरीका हैं एफिलिएट मार्केटिंग का। तो अगर आप भी जानना चाहते हैं की एफिलिएट मार्केटिंग क्या हैं ? और एफिलिएट मार्केटिंग कैसे किया जाता हैं तो आप इस पोस्ट को लगातार पढ़ते रहिये।

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वैसे तो ब्लॉग्गिंग में एडसेंसे के अलावा भी ऐसे कई तरीके हैं जिसकी मदद से बहुत सारे ब्लोग्गेर्स एअर्निंग करते हैं। लेकिन उनमे से  अच्छा है एफिलिएट मार्केटिंग। एफिलिएट मार्केटिंग से आप कम ट्रैफिक में भी अच्छा एअर्निंग कर सकते हैं। तो अगर आपको भी एफिलिएट मार्केटिंग के बारे में नहीं पता है तो आपको इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पढ़ना चाहिए जिससे आपको एफिलिएट मार्केटिंग के बारे में जानकारी हो जायें। affiliate marketing kya hai .

एफिलिएट मार्केटिंग क्या हैं ?

एफिलिएट मार्केटिंग में कोई ब्लॉगर या यूटूबेर अपने ब्लॉग या यूट्यूब चैनल की मदद से किसी प्रोडक्ट को प्रमोट करता हैं। और अपने ब्लॉग या यूट्यूब चैनल में उस प्रोडक्ट का लिंक ऐड करता हैं। और जब कोई यूजर उस लिंक के द्वारा उस प्रोडक्ट को खरीदता हैं तब उस ब्लॉगर या यूट्यूब को एक फिक्स्ड कमिशन मिलता हैं। कोई भी प्रोडक्ट अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करवाता हैं या उस प्रोडक्ट को रेकमेंड करवाता हैं। 

अलग अलग प्रोडक्ट का कमिशन अलग अलग होता हैं। सभी प्रोडक्ट्स अपने प्राइस के हिसाब से कमिशन को फिक्स्ड करते हैं।  जब भी कोई यूजर दिए हुए लिंक के द्वारा  प्रोडक्ट को खरीदता हैं तब उसे एक फिक्स्ड कमिशन प्रोडक्ट के द्वारा दिया जाता हैं। 

एफिलिएट मार्केटिंग कैसे किया जाता हैं ?

एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए आपको सबसे पहले किसी प्रोडक्ट के एफिलिएट को चूज करना पड़ेगा। आपको अपने ब्लॉग के लिए एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करने से पहले सबसे पहले आपको कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए जिससे आप एक ऐसे प्रोडक्ट को सेलेक्ट करे जिससे आप अच्छा खासा एअर्निंग कर सके। 

किसी भी एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करने से पहले आपको कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए जैसे :- 

  1. आप जिस प्रोडक्ट को सेलेक्ट कर रहे हैं वो आपके ब्लॉग के लिए सूटेबल हैं। यानि की अगर आपका ब्लॉग टेक्नोलॉजी पर हैं और अगर आप कपड़ो का एफिलिएट मार्केटिंग करने लगते हैं तो यह आपके ब्लॉग के लिए सही नहीं होगा। इससे आपके ब्लॉग के डेली रीडर नाराज हो सकते हैं क्योकि यह प्रोडक्ट आपके ब्लॉग के निश के अन्दर नहीं आता हैं। 
  2. आप जिसे भी प्रोडक्ट को सेलेक्ट कर रहे हो उसका पर सेल कमिशन अच्छा हो। अगर आप किसी ऐसे प्रोडक्ट को सेलेक्ट करते हैं।जिसका पैर सेल कमिशन अच्छा हैं तो आप उस प्रोडक्ट से अच्छा  एअर्निंग नहीं कर सकते हैं।  

एफिलिएट मार्केटिंग कैसे ज्वाइन करे ?

आप किसी भी प्रोडक्ट का एफिलिएट प्रोग्राम बहुत  से ज्वाइन कर सकते हैं। आपको किसी भी प्रोडक्ट के एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करके बहुत ही आसानी से एअर्निंग कर सकते हैं। किसी भी प्रोडक्ट के एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करने के लिए आप सबसे पहले उस प्रोडक्ट के एफिलिएट पेज पर जाए। फिर आपको वह पर कुछ डिटेल्स को देना होगा उसके बाद आपका एफिलिएट अकाउंट एक्टिव हो जायेगा। अब मैं आपको बताने जा रहा हु की आप कैसे किसी भी प्रोडक्ट के एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन कर सकते हैं। 

किसी भी प्रोडक्ट को ज्वाइन करने के लिए सबसे पहले आप उस प्रोडक्ट के एफिलिएट पेज पर जाए फिर आप वह पर क्रिएट अकाउंट पर क्लिक करे फिर अब आप आपसे कुछ डिटेल्स पूछा जायेगा जिसे आपको फील  करना होगा। 

  • Name 
  • Address
  • Email Id
  • Mobile Number
  • Pancard Detail
  • Blog Url 
  • Payment Deatils 

ये सब फील करने के बाद आप के ईमेल एड्रेस पर एक कन्फोर्मशन ईमेल आएगा। जिसको आपको कन्फर्म करना होगा। ऊसकी बाद आप अपने एफिलिएट प्रोग्राम के डैशबोर्ड पर लॉग इन कर ले फिर आप किसी भी प्रोडक्ट का एफिलिएट लिंक बनाकर अपने ब्लॉग और यूट्यूब चैनल में ऐड कर सकते हैं। 

एफिलिएट प्रोग्राम से पैसे कैसे मिलते हैं ?

जब आप किसी एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन कर लेते हैं तब सवाल आता हैं की आप एफिलिएट मार्केटिंग से पैसे कैसे ले सकते हैं। अलग अलग एफिलिएट प्रोग्राम में अलग अलग पेमेंट देने के तरीके होते हैं। ज्यादातर प्रोग्राम पेपल और बैंक ट्रांसफर के द्वारा पेमेंट करते हैं। इसीलिए आपको किसी भी एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करने से पहले उस एफिलिएट प्रोग्राम के पेमेंट मेथड के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। 

एफिलिएट प्रोग्राम्स में टर्म्स जिसके आधार पर आपको कमिशन मिलता हैं। 

एफिलिएट प्रोग्राम  में ऐसे कई टर्म्स हैं जिसके आधार पर आपको एफिलिएट कमिशन दिया जाता है। 

CPM -सी.पी.एम. 

जब आपके ब्लॉग में कोई एफिलिएट बैनर या एफिलिएट एड्स लगे होते हैं तब { वो एफिलिएट प्रोडक्ट आपको 1000 पेज व्यू पर कुछ फिक्स्ड कमिशन देता हैं। 

CPC – Cost Per Click 

जब कोई यूजर आपके ब्लॉग या यूट्यूब पर लगे एफिलिएट लिंक पर क्लिक करता हैं तब भी आपको एफिलिएट प्रोग्राम्स द्वारा एक फिक्स्ड कमिशन दिया जाता हैं। 

CPS – Cost Per Sale 

जब कोई यूजर आपके ब्लॉग या यूट्यूब चैनल में लगा एफिलिएट लिंक से किसी प्रोडक्ट को खरीदता हैं तब आपको उस एफिलिएट प्रोग्राम द्वारा एक फिक्स्ड कमिशन दिया जाता हैं। 

 

एफिलिएट मार्केटिंग से सम्बंधित कुछ टर्म्स 

Affiliates 

एफिलिएट मार्केटिंग में affiliates उन्हें कहा जाता हैं जो एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं। affiliates कोई एक व्यक्ति हो सकता हैं जो अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं। 

Affiliate ID 

एफिलिएट id हर एक एफिलिएट प्रोग्राम  द्वारा व्यक्ति को दिया जाता हैं जो एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं। उन्हें एक Unique Id दिया जाता हैं। 

Affiliate Link 

हर एक एफिलिएट प्रोडक्ट के लिए अलग अलग लिंक प्रोवाइड किया जाता हैं। जब कोई यूजर किसी एफिलिएट लिंक से प्रोडक्ट  खरीदता हैं तब उसी एफिलिएट लिंक के द्वारा ट्रैक किया जाता हैं।

 Commission 

जब भी कोई यूजर किसी प्रोडक्ट को किसी एफिलिएट लिंक से खरीदता हैं तब उस प्रोडक्ट के हिसाब से एक फिक्स्ड राशि दिया जाता हैं जिसे कमीशन कहा जाता हैं। 

Affiliate Marketplace 

कुछ अलग अलग कंपनी अलग अलग विषयो पर एफिलिएट प्रोग्राम ऑफर कराती हैं जिसे एफिलिएट मार्केटप्लेस कहा जाता हैं। 

Payment Mode 

यह उस माध्यम को कहा जाता हैं जिस माध्यम के द्वारा आपको एफिलिएट मार्केटिंग में पैसे दिए जाते हैं। अलग अलग एफिलिएट प्रोग्राम्स के अलग अलग पेमेंट मेथड होते हैं। जैसे चेक , बैंक ट्रांसफर इत्यादि। 

Payment Threshold 

यह वह न्यूनतम राशि जब आप earn कर लेते हैं तब आपको किसी भी पेमेंट मेथड के द्वारा आपको वह राशि दिया जाता हैं। 

एफिलिएट मार्केटिंग में अक्सर पूछे जाने वाले कुछ सवाल 

चलिए अब हम कुछ ऐसे सवालो के जबाब जानते हैं जो एफिलिएट मार्केटिंग सुरुआत करते वक्त पूछे जाते हैं। 

क्या एक ही वेबसाइट पर एफिलिएट मार्केटिंग और गूगल ऐडसेंस का इस्तेमाल किया जा सकता हैं ?

जी हां आप एफिलिएट मार्केटिंग और एडसेंसे एड्स का इस्तेमाल एक साथ कर सकते हैं। बहुत सारे ब्लॉगर अपने    ब्लॉग पर एफिलिएट मार्केटिंग भी करते हैं और गूगल एडसेंसे के एड्स का भी इस्तेमाल करते हैं। 

क्या एफिलिएट मार्केटिंग के लिए वेबसाइट या ब्लॉग होना जरुरी हैं ?

यह जरुरी नहीं हैं की एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए आपके पास ब्लॉग या वेबसाइट होना ही चाहिए। 

कौन सी कंपनी एफिलिएट प्रग्राम ऑफर कराती हैं ?

देखिये सभी कंपनी एफिलिएट प्रोग्राम को ऑफर नहीं कराती हैं। आपको खुद पता करना होगा की कौन सी कंपनी एफिलिएट प्रोग्राम्स को ऑफर कराती हैं। 

कैसे पता करे की कोई कंपनी एफिलिएट प्रोग्राम ऑफर करती हैं या नहीं ?

यह पता करने के लिए आपको गूगल सर्च करने की जरुरत हैं। गूगल पर उस कंपनी के नाम के साथ ‘ Affiliate ‘ सर्च करने की जरुरत है और अगर वो कंपनी एफिलिएट प्रोवाइड कराती होगी तो आपके सामने उस प्रोडक्ट के रिलेटेड एफिलिएट रिजल्ट्स आ जायेंगे जिनमे कुछ रिसर्च करने के बाद आप उस एफिलिएट प्रोग्राम के बारे में  जान  सकते हैं। 

एफिलिएट मार्केटिंग क्या हैं पर आखिरी शब्द 

एफिलिएट मार्केटिंग ऑनलाइन earning का एक बहुत ही अच्छा तरीका हैं। आज के समय में कई ब्लॉगर इस तरीके का इस्तेमाल करके बहुत अच्छी ऑनलाइन income करते हैं। अगर आप चाहे तो आप भी एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा अच्छा एअर्निंग कर सकते हैं। बस आपको जरुरत है अपने ब्लॉग के अनुसार एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करने का। उसके बाद आप अपने ब्लॉग और यूट्यूब में एफिलिएट लिंक लगा सकते हैं और जब कोई यूजर उस लिंक से कुछ खरीदता हैं तब आपको उस प्रोडक्ट द्वारा पे किया जाता हैं। 

तो उम्मीद हैं आपको पता चल चूका होगा की एफिलिएट मार्केटिंग क्या हैं ? और एफिलिएट मार्केटिंग कैसे किया जाता है। आपको यह पोस्ट केसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताये। अगर आपको यह पोस्ट हेल्पफुल और इन्फोर्मटिवे लगा हो तो आप इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर भी कर सकते हैं। 

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